“बेवफ़ा चाय” पर हुई ऐतिहासिक वार्ता,

नगर भवन संवाददाता, बक्सर

“बेवफ़ा चाय” पर हुई ऐतिहासिक वार्ता, कॉमरेडशिप के दिनों की यादें हुईं ताज़ा

बक्सर नगर भवन क्षेत्र में बुधवार की शाम उस समय हलचल बढ़ गई, जब अपने काम से घर लौट रहे एक सज्जन की अचानक मुलाक़ात उनके कॉमरेडशिप काल के अद्वितीय, अनन्य एवं स्वयंभू “बेवफ़ा मित्र” अरुण ओझा से हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अरुण ओझा उर्फ़ “बेवफ़ा मित्र” ने अपने वर्षों पुराने विशेष बेवफ़ाईपूर्ण लेकिन मनमोहक लहज़े का प्रयोग कर मित्र महोदय को तत्काल रोक लिया।

सूत्रों की मानें तो इसके बाद दोनों महानुभाव सीधे क्षेत्र के चर्चित “बेवफ़ा चाय वाले” की दुकान पर जा पहुँचे, जहाँ विशेष जड़ी-बूटियों से निर्मित “बेवफ़ा चाय” का सेवन करते हुए जीवन, दोस्ती, बेवफ़ाई और पुरानी यादों पर लंबी गुफ्तगू चली। आसपास बैठे ग्राहकों ने भी चर्चा को बड़े ध्यान से सुना, हालांकि किसी को यह समझ नहीं आया कि चाय ज्यादा कड़क थी या बातें।

दौर-ए-चर्चा के दौरान एक अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य का भी खुलासा हुआ कि चर्चित “MV कॉलेज” का वास्तविक नाम “महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय” है। बताया जाता है कि यह जानकारी लगातार सोशल मीडिया की छायाप्रतियों पर पैनी निगाह बनाए रखने के फलस्वरूप प्राप्त हुई।

जानकारी के अनुसार, अरुण ओझा महोदय महाविद्यालय के संगणक विभागाध्यक्ष होने के साथ-साथ उच्च न्यायालय के अधिवक्ता भी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे कंप्यूटर की भाषा में भी तर्क देते हैं और अदालत की भाषा में भी।

समाचार लिखे जाने तक दोनों मित्र चाय की अंतिम चुस्की के साथ यह तय कर रहे थे कि अगली मुलाक़ात “वफ़ादार समोसा केंद्र” पर होगी या पुनः “बेवफ़ा चाय” पर ही इतिहास रचा जाएगा।

— विशेष संवाददाता
13 मई 2026
नगर भवन,
बक्सर, बिहार

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